बोनस 5 अंक मात्र एक दिखावा, प्लस टू अतिथि शिक्षकों को कुछ नहीं मिल रहा : iRajanBhardwaj



                          राजन भारद्वाज

            

मुख्य बातें:-

1)बोनस अंक नहीं नियमितीकरण चाहिए: अतिथि शिक्षक संघ

2)जब STET पास कर ही लेंगे, तो 5 अंक का क्या करेंगे अतिथि शिक्षक: राजन

3)बोनस अंक से खुश नहीं प्लस टू अतिथि शिक्षक

4) मुख्यमंत्री को दिया हुआ आवश्वासन याद दिला रहे।


उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 4200, प्लस टू अतिथि शिक्षकों को राज्य सरकार ने आगामी शिक्षक बहाली प्रक्रिया के मेधा अंक में कम से कम एक वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को 5 अंक बोनस के रूप में देने का फैसला किया हैं। सरकार के इस फैसले से प्रति अतिथि शिक्षकों ने  नाराजगी ज़ाहिर की हैं।उन्होंने बताया हैं कि  हम सभी अतिथि शिक्षक  25 माह से बिना सेवा त्रुटि के सेवारत है और हम लगातार सरकार से नियमितीकरण की माँग कर रहे थे,किन्तु 5 अंक बोनस देकर सरकार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की माँग को दरकिनार करने की मनसा ज़ाहिर की हैं। अतिथि शिक्षक केवल नियमितीकरण की मांग करते हैं, इसके अलावा कोई और माँग न हम करते हैं और न ही हमें मंजूर होगा।


हालांकि अतिथि शिक्षक संघ के राजन भारद्वाज ने सरकार के इस फैसले को आश्चर्यजनक बताया, कहा कि शिक्षा विभाग के पदाधिकारी अतिथि शिक्षकों के वास्तविक स्थिति को सरकार से अवगत ही नहीं करा रहे हैं। बहुत आश्चर्य की बात है कि शिक्षा विभाग,एक तरफ़ STET परीक्षा में सीट के अनुसार ही रिजल्ट घोषित करने की बात करती हैं,एवं दूसरी तरफ 5 अंक बोनस देने की बात भी करती है। जब अभ्यर्थी STET द्वारा निर्धारित अंक को पार कर रिजल्ट ले ही आते है तो उन्हें 5 अंक अतिरिक्त की आवश्यकता ही नहीं हैं। आख़िर 5 अंक का क्या करेंगे अतिथि शिक्षक। शिक्षा विभाग पूर्णतः सरकार को अंधेरे में रखकर यह 5 अंक की राय सरकार को दिए होंगे। हम सभी अतिथि शिक्षकों को सरकार पर पूरा विश्वास है कि चुनाव से पूर्व ही बिहार के सभी अतिथि शिक्षकों के पक्ष में,सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर नियमितीकरण का फैसला लेंगे।


ज्ञातव्य हो कि बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम नल-जल-हरियाली कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार मधेपुरा,अररिया एवं मोतिहारी में नियमित होने का आश्वाशन कर चुके है।इसके साथ ही विधानसभा एवं विधानपरिषद के अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के पक्ष में  अनुशंसा कर चुके है।


अब जब प्लस टू अतिथि शिक्षक सरकार से भरोसा लगाए, नियमित होने का इंतजार कर रहे है। तक देखना होगा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पुर्व सरकार अतिथि शिक्षकों के पक्ष में नियमितीकरण देती हैं या कोई  और सम्यक  निर्णय लेती है।

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