*गणित के नियम,सिद्धांत, सूत्र एवं प्रश्न के सत्यता की जांच करने में परांगत हाशिल कर, प्राप्त होंगें अत्यधिक अंक।**राजन भारद्वाज*

*गणित के नियम,सिद्धांत, सूत्र एवं प्रश्न के सत्यता की जांच करने  में परांगत हाशिल कर, प्राप्त होंगें अत्यधिक अंक। :-राजन भारद्वाज*


*(इंटर एवं मैट्रिक परीक्षा 2021 हेतु कैरियर पाठशाला)*


*इंटर एवं मैट्रिक परीक्षा में मात्र कुछ दिन शेष रह गए हैं। ऐशे में छात्र- छात्राओं को सभी  विषयों में कम समय में कैसे तैयारी की जाय एवं अत्यधिक अंक कैसे प्राप्त की जाय,इस हेतु मार्गदर्शन की अत्यधिक आवश्यकता होती हैं।समय से उठना, समय से पढ़ाई करना और समय से परीक्षा केंद्र पहुँच कर उसे अपने परीक्षाफल के प्राप्तांक में बदलना, अच्छे मार्गदर्शन से ही संभव हैं।*

*समाचार पत्रों ने गणित के बच्चों के करियर कॉउंसिल हेतु +2 राजकीयकृत रानी चंद्रावती उच्च विद्यालय खरारी,बहेरी (दरभंगा) के उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षक  एवं गणित विषय में गोल्ड मेडल प्राप्त शिक्षक श्री राजन भारद्वाज जी को आमंत्रित किया। उन्होंने गणित के छात्र - छात्राओं को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि गणित विज्ञान की क्रमबद्ध, संगठित तथा यथार्थ शाखा है, यह तार्किक विचारों का विज्ञान हैं, जिसके अध्ययन से मस्तिष्क में तर्क करने की आदत स्थापित होती हैं। इसके ज्ञान का आधार हमारा ज्ञानेंद्रियाँ हैं। हम जितना देर गणित के साथ बिताएँगे, हम गणित में उतने ही परिपक्व होते जाएँगे। हमें अपने महत्वपूर्ण इंद्रिय 3H को हमेशा एकार्गचित रखना होगा, 3H का अर्थ हैं हेड,हर्ट एवं हैंड। परीक्षा में बैठ कर अपना मूल्यांकन करने में मात्र अब कुछ गिनती के दिन बचें हैं। हमें उस गिने हुए दिन का सम्पूर्ण उपयोग स्वाध्याय में लगाना हैं, नियमित एवं क़्वालिटी एडुकेशन पर ध्यान देने की आवश्यकता हैं।  समय ज्यादा देकर पढ़ना आपको बोझिल बना सकता हैं,आपको थका सकता हैं। इसलिए जरूरी हैं कि लगातार पढ़ाई न करते हुए,ब्रेक के साथ पढ़ने पर जोड़ दे।नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने के लिए पढ़ाई से कुछ समय निकाल कर खेल पर भी ध्यान दे तथा माँ-पिता सहित परिवार के सदस्यों से अपने अध्ययन के बारे में चर्चा करते रहें, उनका अनुभव लेते रहे।*

*भारत एवं विश्व के गणितज्ञ भी  यह मानते हैं कि गणित विषय के पढ़ने से बालकों में स्वस्थ तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता हैं।उनमें आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता का विकास होता हैं। हमें गणित द्वारा प्राप्त आत्मविश्वास को अपने दूसरें विषय में लगाना हैं एवं 3H को एकार्ग  कर अध्ययन करना हैं। एनसीईआरटी के पुस्तक के अध्यायों सहित उदाहरणों को  कई बार हल कर अपना कॉन्सेप्ट क्लियर करना है। परीक्षा के इस समय में दूसरों के पढ़ने के तरीकों  से अध्ययन के साथ अपना तुलना कभी नहीं करनी चाहिए। आप हमेशा समझें कि हम जिस  तरीक़े से अध्ययन कर रहे हैं, वह सबसे सर्वोत्तम तरीका हैं। पढ़ें हुए एक्सरसाइज का नियमित रूप से अपने आत्मविश्वास के साथ रिवीजन करें। अगर आप यथार्थ, क्रमबद्ध एवं तर्क का प्रयोग कर गणित के नियम, सिद्धान्त, सूत्र एवं प्रश्न के सत्यता की जाँच करने में समर्थ हो जायें तो आपको गणित विषय में 100 अंक प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। आपको धैर्य के साथ वार्षिक परीक्षा में प्रश्नों को हल करना हैं, आपको अवश्य ही अत्यधिक अंक प्राप्त होंगें।*

                        राजन भारद्वाज


प्रश्न : गणित में कितने प्रश्न पुछें जायेंगें।
उ: गणित में दो खंड में प्रश्न होंगें, खंड अ वस्तुनिष्ठ होंगें,जिसमें कुल 100 प्रश्न होंगें ,जिसमें से कोई 50 प्रश्न पत्र हल करने हैं।

खंड ब में कुल 38 प्रश्न होंगें ,जिसमें 30 लघु उत्तरीय प्रश्न होंगें ,जिसमें से कोई 15 प्रश्न हल करने हैं। इसी में 8 प्रश्न दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगें जिसमें से कोई 4 प्रश्न हल करने है।


प्रश्न : परीक्षा में किस प्रकार के उपकरण वर्जित हैं।

उ:परीक्षा में सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वर्जित हैं, परीक्षा के दरम्यान पाए जाने पर परीक्षा से निष्कासित किया जा सकता हैं ।

प्रश्न : क्या ओएमआर सीट पर गलती होने पर व्हाइटनर का उपयोग कर सकते हैं?

उ:परीक्षा में ओएमआर पर व्हाइटनर/तरल पदार्थ/ब्लेड/ नाखून  आदि का प्रयोग पूर्णतया वर्जित हैं। उपयोग किए जाने पर परीक्षा फल अमान्य हो जाएगा।


प्रश्न: क्या ओएमआर सीट पर जैल पेन का उपयोग किया जा सकता हैं।

उ: ओएमआर पर जैल पेन का प्रयोग नहीं करना हैं , हमेशा अच्छे काले या नीले पेन का प्रयोग करें।


टेली कॉउंसिल में अभिलाषा,शिवानी, श्रुति झा,श्वेता झा,अंशुमान सिंह, विकास कुमार झा,सुमित कुमार ,आदित्य रंजन,पिंकू कुमार , चन्द्रमणि झा, आशुतोष सिंह आदि बच्चों ने कॉल किए।

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